CG- बोर्ड पेपर लीक में बुड़ा खुलासा; WhatsApp पर 3000-3000 रुपये में बिक रहा था प्रश्नपत्र, चैट और बैंक ट्रांजेक्शन से खुलासा
रायपुर, 21 मई 2026। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 12वीं हिंदी परीक्षा में पेपर लीक मामले का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि एक संगठित गिरोह परीक्षा शुरू होने से पहले हस्तलिखित प्रश्नपत्र वाट्सएप के जरिए छात्रों तक पहुंचा रहा था और इसके बदले उनसे तीन-तीन हजार रुपये तक वसूले जा रहे थे। मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से चलाया जा रहा था। साइबर विशेषज्ञों और पुलिस टीम ने डिजिटल फुटप्रिंट, डिलीट मोबाइल चैट, इंटरनेट मीडिया गतिविधियों और बैंक खातों के लेनदेन की गहन जांच की। करीब 50 से अधिक छात्रों और संदिग्धों से पूछताछ के बाद पुलिस आरोपितों तक पहुंचने में सफल हुई।

जांच में मुख्य आरोपित वेणु कुमार जंघेल की भूमिका सामने आई है, जो परीक्षा से पहले छात्रों को हस्तलिखित हिंदी प्रश्नपत्र वाट्सएप पर भेजता था। इसके बदले वह ऑनलाइन माध्यम से पैसे लेता था। पुलिस को बैंक खातों की जांच में रकम के लेनदेन के प्रमाण भी मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपित कई छात्रों तक पेपर पहुंचा चुका था। मोबाइल फोन से डिलीट डेटा रिकवर कर पुलिस ने कई अहम इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी जुटाए हैं।
पूछताछ के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बेमेतरा जिले के हायर सेकंडरी स्कूल बोरतरा में पदस्थ पीटीआई जवाहर लाल कुर्रे की भूमिका भी इस मामले में सामने आई है। पुलिस के मुताबिक जवाहर लाल कुर्रे ने ही वेणु जंघेल और विकास सेन को हस्तलिखित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। पूछताछ में उसने यह बात स्वीकार भी की है। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस स्तर से बाहर आया।

इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब स्कूल प्रबंधन, परीक्षा केंद्रों और प्रश्नपत्र वितरण प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि स्कूल का रिजल्ट बेहतर दिखाने और आर्थिक लाभ कमाने के लिए यह पूरा नेटवर्क सक्रिय था।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में सबसे पहले 11 मई को मास्टरमाइंड वेणु उर्फ वेणु जंघेल को गिरफ्तार किया गया था। वह मूल रूप से बेमेतरा का निवासी है और हाल के दिनों में रायपुर के गुढ़ियारी इलाके में रह रहा था। उससे पूछताछ के बाद विकास सेन और पीटीआई जवाहर लाल कुर्रे को भी गिरफ्तार किया गया। फिलहाल तीनों आरोपितों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब इस पेपर लीक गिरोह से जुड़े अन्य फरार संदिग्धों की तलाश कर रही है, साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या अन्य परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी इसी नेटवर्क के जरिए लीक किए गए थे।











